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सत्रह वर्ष पूर्व अपहृत हुई महिला मामले में पुलिस अधीक्षक से तलब कर मांगा जवाब

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रिपोर्ट : पवन द्विवेदी , सुल्तानपुर | सत्रह वर्ष पूर्व अपहृत हुई महिला की बरामदगी न कर पाने के मामले में भ्रामक आख्या भेजने पर एसीजेएम पंचम की अदालत ने कड़ा रूख अपनाया है। न्यायाधीश अनुराग कुरील ने अगामी 20 जनवरी के लिए मामले में पुलिस अधीक्षक को व्यक्तिगत रूप से तलब कर जवाब मांगा है।

मामला कूरेभार थाना क्षेत्र के बरजी गांव से जुड़ा है। जहां के रहने वाले देवमणि मिश्र ने अपनी पत्नी राजलक्ष्मी के अपहरण के सम्बंध में मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप के मुताबिक 15 अक्टूबर वर्ष 2000 को उसकी पत्नी पड़ोस की ही प्रेमादेवी के साथ शौच के लिए निकली थी, इसी दौरान प्रेमा देवी ने अपने भाई हवलदार शुक्ल व सहआरोपी रामदेव मिश्र के सहयोग से उसकी पत्नी का अपहरण कर लिया। जिसके सम्बंध में देवमणि मिश्र ने थाने पर तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने मामले को हल्के में लेते हुए मामुली धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया और प्रकरण की जांच ठंडे बस्ते में डाल दी। प्रकरण हाईकोर्ट तक पहुंचा तो बौखलाई पुलिस ने घटना के आठ वर्ष बाद 12 सिम्बतर वर्ष 2008 को तीनों आरोपियों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया।

जिसकी जांच कर रहे तत्कालीन दरोगा पंकज कुमार ने आरोपियों से मिल-मिलाकर मनमुताबिक विवेचना कर मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। फाइनल रिपोर्ट को देवमणि मिश्र ने चुनौती दी, तो मौजूद साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने पुलिस की फाइनल रिपोर्ट रद्द कर अदालत ने 21 जनवरी 2014 को अग्रिम विवेचना का आदेश दिया। प्रकरण की विवेचना में कूरेभार पुलिस की भूमिका संदिग्ध होने के चलते हाईकोर्ट के निर्देशन में तात्कालीन एसपी नेे विवेचना ट्रांसफर कर तत्कालीन क्राइम ब्रांच सेल प्रभारी धर्मराज उपाध्याय को सौंप दी। जिन्होंने कई महीनों बाद अपनी तफ्तीश पूरी कर विवेचना रिपोर्ट भेज देने का तथ्य अदालत में पेश किया है। फिलहाल पुलिस की यह विवेचना रिपोर्ट अभी तक कोर्ट नही पहुंच सकी है,और सीओ कार्यालय के जिम्मेदार अफसर भी इस सम्बंध में स्थिती स्पष्ट नही कर पा रहे है। जिसके चलते आगे की कार्यवाही अधर में लटकी है।

इस सम्बंध में पड़ी मानिटरिंग अर्जी पर सुनवाई के पश्चात कई तिथियों से एसीजेएम पंचम अनुराग कुरील प्रभारी क्राइम ब्रान्च सेल, क्षेत्राधिकारी कार्यालय व अन्य जिम्मेदार अफसरों से विवेचना रिपोर्ट के बावत आख्या तलब कर रहे है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों के जरिए अदालत के आदेश को नजरअंदाज कर स्पष्ट रिपोर्ट भेजने में लापरवाही बरती जा रही है। मामले में कड़ा रूख अपनाते हुए आगामी 20 जनवरी के लिए न्यायाधीश अनुराग कुरील ने एसपी को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है।

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