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लोकगीतों के माध्यम से दिया सामाजिक संदेश

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उमेश कुमार विप्लवी, हाजीपुर/ राजगीर:। लोक कलाकारों ने जब बिहार के सांस्कृतिक विरासत के अनुरूप पारंपरिक गीतों की प्रस्तुति की तो लोग वाह-वाह कर उठे । मेला परिसर में बने मुख्य मंच पर कला एवं संस्कृति विभाग के कलाकारों द्वारा बिहार के लोकगीत एवं लोक नृत्य की प्रस्तुति की जा रही है । बुधवार की संध्या बिहार की प्रसिद्ध लोक गायिका डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने अनेक पारंपरिक गीतों के साथ साथ बिहार का गौरव गान और बेटियों को पढ़ाने,आगे बढ़ाने तथा दहेज को मिटाने से संबंधित गीतों की प्रस्तुति कर करतल ध्वनि से प्रशंसा पाई ।

उन्होंने अपने कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना- मंगल के दाता रउआ साथ, बिगड़ी बनाई जी के साथ की ।उसके बाद डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने मां गंगा की स्तुति करते हुए गंगा जी के पनिया मंगाइब चौका पूराइब हो गीत पेश किया । फिर उन्होंने बिहार राज्य की महिमा की चर्चा करते हुए जिस धरा पर हमने जन्म लिया वही हमारा मान है ए बिहार की धरती तुझ पर जीवन कुर्बान है गीत पेश किया जिस पर श्रोताओं ने खूब तालियां बजाई ।

जनकपुर धाम में राम और सीता जी के पहली मुलाकात के प्रसंग को लोक गीत के माध्यम से पेश करते हुए उन्होंने गाया देखकर रामजी को जनक नंदिनी, बाग में खड़ी की खड़ी रह गई । उन्होंने रेलिया बैरन पिया को लिए जाए रे और सेजिया पर लोटे काला नाग हो कचौड़ी गली सून कइला बलमू जैसे पारंपरिक गीतों के माध्यम से श्रोताओं को झुमाया । दर्शकों ने आग लगे सैयां जी तो हरी नौकरिया कि कईसे जईवे ना, राजगीर के मेलवा हम कईसे जईबे ना गाकर भी लोगों का खूब मनोरंजन किया ।

कार्यक्रम के अंत में उन्होंने महिलाओं को सम्मान देने तथा बेटियों को पढ़ाने और दहेज प्रथा को जड़ से समाप्त करने की अपील करते हुए गाया या रब हमारे देश में बिटिया का मान हो, जेहन में बेटों जितना ही बेटी की शान हो
खेलें न कोई खून की होली दहेज में । इसी तरह बाल विवाह न करने की सलाह देते हुए उन्होंने गाया खेले कूदे के दिन में ना शादी कि होईहै बर्बादी जी । कार्यक्रम के दौरान कैसियो पर सुजीत कुमार, नाल पर बृज बिहारी मिश्रा, पैड पर आशीष कुमार ने और बेंजो पर सोनू कुमार ने नीतू कुमारी नवगीत का साथ दिया ।

सांस्कृतिक मंच से समस्तीपुर के लोक गायक बृजेश कुमार सुमन और दानापुर के लोक गायक अमर कुमार पांडे ने भी एक से बढ़कर एक लोक गीतों की प्रस्तुति दी और उनके गीतों पर लोग झूमते रहे । संगम कला एवं प्रबंधन संस्थान के कलाकारों द्वारा शानदार लोक नृत्य भी पेश किया गया । कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से कार्यक्रम का संयोजन रंजीत कुमार ने किया जबकि मंच संचालन बड़े ही शानदार तरीके से रूपम त्रिविक्रम ने किया ।

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