Breaking News
Home / National / Bihar / Vaishali / Raghopur / Bidupur / गणिनाथ पलवैया धाम बिदुपुर में आयोजित 5 दिवसीय मेला का शुभारंभ

गणिनाथ पलवैया धाम बिदुपुर में आयोजित 5 दिवसीय मेला का शुभारंभ

Hits: 34

विजेन्द्र कुमार, बिदुपुर। वैशाली जिला के बिदुपुर प्रखंड क्षेत्र के गणिनाथ पलवैया धाम में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय ख्यति प्राप्त गणिनाथ जयन्ति 5 दिवसीय मेला का शुभारंभ हाजीपुर विधायक अवधेश सिंह और राघोपुर पूर्व विधायक सतीश कुमार समेतद्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस मौके पर हाजीपुर विघायक अवधेश सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि बिदूपुर पलवैया धाम में जमीन 6 एकड़ पर्याप्त मात्रा में है और पर्यटन विभाग के मंत्री से मैने बात की है यहाँ पर्यटन स्थल घोषित किया जायेगा। गणिनाथ पलवैया धाम में जयन्ति पर शनिवार को सुबह में पंडितों के मंत्रों-उच्चारण के साथ विधिवत पूजा खत्म होने के बाद श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

सभी श्रद्धालू चढ़ावा लेकर अपनी बारी का इतंजार कर पूजा अर्चना की तथा मेला का आनंद उठाये। वही स्थानीय प्रशासन को सूचना देने के बाद भी मेला स्थल पर पुलिस कर्मियों को तैनाती नही की गई जिससे मेला में किसी प्रकार की अनहोनी को नाकारा नहीं जा सकता। वही सदर इंस्पेक्टर श्री कृष्ण कुमार मेला का जायजा लिया और स्थानीय पुलिस की तैनाती नही होने पर बिफर परें और इसकी शिकायत वरीय पदाधिकारों से की साथ ही साथ मेला कमिटी को सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराने का अस्वाशन दिया। बाद में बिदुपुर थाना प्रभारी द्वारा मेला स्थल पर पुलिस बल को भेजा गया। मिडियाकर्मियों से बातचीत में उन्होंने पुलिसकर्मियों की कमी का हवाला दिया।

This slideshow requires JavaScript.

विदित हो कि बिदूपुर घाट पर बाबा गणिनाथ की स्थापना सन- 1954 ई० में परम् भक्त स्वर्गीय गन्नी साह के द्वारा किया गया था। वही हजारी साह, रामजी साह, बिहारी राय के द्वारा 1958 ई० में प्रांतीय कमिटी की गठन की गई थी। 1978 ई० में बाबा के धाम पर एक संत का पदार्पण हुआ जिनका नाम श्री श्री 108 प्रभु दास जी था। धाम की दुर्दशा से पीड़ित हो कर श्री प्रभु दास जी ने 28 दिन तक अनसन पर बैठे रहे तब स्थानीय लोगों और प्रांतीय कमिटी ने श्री दास जी को वचन देते हुए मंदिर निर्माण की तिथि निर्धारित कर संत की अनसन तुड़वाया था । तब जाकर भव्य मंदिर की शिलान्यास किया गया था।

मंदिर निर्माता प्रांतीय गन्नी साह वंशज शशि भूषण प्रसाद ने कहा कि मंदिर परिसर में मन्नत मांगने की एक पौराणिक परम्पराएं है जो सदियों से चला आ रहा है। उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में एक ताखें बनी है जिसमें श्रद्धालुओं पवित्र मन से मिट्टी के ढेलें फेकतें हैं जिससें मन वाँछित फल मिलता हैं। पिछले साल की अपेक्षा इस बार जयन्ति की पूर्व संध्या में संस्कृति कार्यक्रम एवं कलाकारों के द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी की गई। वही जयन्ति पर मेला में कुट्टबपुर बाजितपुर मुखिया अनुराधा देवी द्वारा भंडारा किया जा रहा है। पानी की व्यवस्था श्री राम ड्रिंकिंग वाटर के व्यवस्थापक शशि भूषण प्रसाद किया गया है।

Check Also

युवा जदयू के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष चंदन कुमार सिंह का कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत

Hits: 0 महनार – युवा जदयू के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष चंदन कुमार सिंह का अपने …

भाजपा के बछवाड़ा विधायक को नहीं है सोशल डिस्टेंस का ख्याल, बिना मास्क पहने हीं पहुंच गए कार्यक्रम में

Hits: 0राकेश यादव, बछवाड़ा (बेगूसराय)। समूचे देश में कोरोना कहर बरपा रही है और सरकार …

error: Content is protected !!
%d bloggers like this: