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बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिलाधिकारी के निर्देश का पालन क्यों नही

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नलिनी भारद्वाज, बिदुपुर। बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देश की धज्जी उड़ाते हुए बिदुपुर थाने के मथुरा गांव में हाजीपुर महनार मुख्य मार्ग से उत्तर दो बड़ा मुर्गी फार्म चल रहे है। जिसके कारण सघन बस्ती में रहने वाले लोग दुर्गन्ध फैलने से काफी भयभीत नजर आ रहे है। मुर्गी फार्म को बन्द कराने को लेकर बी एस एफ के जवान हरेंद्र कुमार पिता स्वर्गीय चन्द्रदीप राय जो गुजरात के कच्छ भुज में पदस्थापित है ,दर्जनों ग्रामीणों के संयुक्त हस्ताक्षर से एक ज्ञापन तिरहुत कमिश्नर,जिला अधिकारी वैशाली सहित सी एम आदि को भी दिये है। उन्होंने वरीय पदाधिकारी से गुहार लगाते हुए आग्रह किया है की उनके घर से मात्र 30 फिट पर एक मुर्गी फार्म और 50 फिट की दूरी पर दूसरा मुर्गा फार्म उनके मदन भगत और संजीव कुमार ने खोल रखा है।जिसके कारण उनके परिवार और आस पड़ोस के लोगों का दुर्गन्ध के कारण जीना हराम हो गया है।स्थानीय लोग किसी गम्भीर बीमारी होने की खतरा से भी भयभीत है।

सीमा सुरक्षा बल के जवान हरेंद्र कुमार ने आरोप लगाया की जब वे ग्रामीणों के साथ मुर्गी फार्म को अन्यत्र स्थानांतरण करने के लिए जाकर कहा तो फार्म संचालक के द्वारा गाली गलौज एवम मारपीट पर उतारू होने का भी आरोप लगाया।

जबकि बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के द्वारा गत 4 जुलाई 2017 को ही जिलाधिकारी वैशाली को जल प्रदूषण निवारण एवम नियंत्रण अधिनियम 1974 तथा वायु प्रदूषण निवारण एवम नियंत्रण अधिनियम 1981 के प्रावधानों के तहत अवैध रूप से आवासीय क्षेत्र में स्थित है,जिसे बन्द कराये जाये। नियमानुसार फार्म सघन बस्ती से 300 मीटर के बाद होना चाहिए,जबकि मथुरा स्थित दोनो मुर्गा फार्म मदन भगत का30 फिट और संजीव कुमार का लगभग 75 फिट के अंदर ही सघन बस्ति में फार्म स्थित है।प्रदूषण नियंत्रण पर्षद द्वारा तत्काल प्रभाव से बन्द कराने का आदेश दिया गया था,उसके बाद भी मुर्गी फार्म चल ही रहा है।इस सम्बन्ध में गत 2 अगस्त 2017 को बिदुपुर अंचलाधिकारी द्वारा भी  दो दिनों के अंदर सघन बस्ती स्थित मुर्गा फार्म को बन्द करने का भी निर्देश दिया गया था परन्तु बन्द नही किया गया और धड़ल्ले से संचालक द्वारा  मुर्गी फार्म का सन्चालन किया जा रहा है।उसके बाद भी स्थानीय अधिकारी द्वारा संचालक के विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज नही कराया गया। वहीं स्थानीय थाना ने अपने रिपोर्ट में घर और मुर्गी फॉर्म की दूरी 150-200 मीटर अंकित किया है जो सरासर गलत है। इस रिपोर्ट को देखने से अनुमान लगाया जा सकता है कि यह फॉर्म उनके अनुरक्षण में ही चल रहा हो।

वही ग्रामीणों को आशंका है की कही बर्ड फ्लू आदि तरह के रोग मुर्गी आदि में फैल गया तो उसका प्रभाव आस पास के लोगों पर भी पड़ेगा।घर आये बी एस एफ के जवान हरेंद्र कुमार मुर्गी फार्म को बन्द कराने को लेकर सभी वरीय पदाधिकारी के कार्यालय का चक्कर लगा रहा है,परन्तु अब तक उन्हें इंसाफ नही मिला है।सीमा की रक्षा करने वाला जवान स्वयम अपने परिवार और अन्य सदस्यो को प्रदूषण के खतरे से नही बचा पा रहा है,वह काफी विवश नजर आ रहा है।उसे वर्तमान में आये नये डी एम से काफी उम्मीद है,उसने ग्रामीणों का हस्ताक्षर युक्त एक ज्ञापन डी एम को भी बन्द कराने के लिए दिया है। ताकि प्रदूषण से बचा जा सके।

इस सम्बन्ध में स्थानीय पंचायत सचिव शैलेन्द्र ने भी जांच रिपोर्ट में एक फार्म बस्ती से उत्तर दिशा में साढ़े 48 फिट पर है जबकि दक्षिण दिशा में घर से दूरी साढ़े 73 फिट फार्म की है।ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने वाले ग्रामीणों में हरेंद्र कुमार, राम लखन सिंह, राम नरेश सिंह, रेणु देवी, ज्योति कुमारी, जितेंद्र सिंह, इंदिरा सिंह, नारायण सिंह, अजित कुमार सिंह, राम ईश्वर सिंह, हरिहर राय, अभिषेक कुमार सिंह सहित लगभग चार दर्जन ग्रामीणों का है।इस सम्बन्ध में सी एम,उप मुख्यमंत्री,एस पी वैशाली,एस डी ओ हाजीपुर आदि को भी दिया है।

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