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छह महीने से आंगनबाड़ी केंद्र में पोषाहार की फर्जी निकासी

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नितेश कुमार चौधरी, जन्दाहा। आंगनबाड़ी केंद्र के लाभार्थियों ने बाल विकास कार्यालय में घुस कर जोरदार हंगामा किया ।आरोप है कि छह महीने से आंगनबाड़ी केंद्र बंद है, लेकिन सेविका अधिकारी-कर्मचारियों के मिलीभगत से राशि का उठाव कर गबन कर रही हैं ।

अरनिया वार्ड01 आंगनबाड़ी केंद्र संख्या122 के कमलेश्वरी देवी, सरीता देवी, स्वीटी देवी ,पूजा देवी सहित सैंकड़ों महिला और बच्चे लाभार्थियों ने बाल विकास कार्यालय में जमकर हंगामा मचाया। लाभार्थियों के निशाने पर सुपरवाइजर पुनम नायक रही, जिसके साथ तु-तु मय मय होते-होते घक्कामुक्की की नौवत आ गई ।किसी तरह सुपरवाइजर कार्यालय में घुसकर राहत लेना चाही, लेकन उसे वहां भी नहीं बख्शा। अंत में जनप्रतिनिधियों सीडीपीओ से पांच दिन में समस्या का हल हो जाने का अस्वासन मिलने के बाद लाभार्थियों का गुस्सा शांत हुआ और वो कार्यालय से निकला।

बताया जाता है कार्यालय द्वारा दिसंबर माह में वार्ड सिप्टींग के दौरान केंद्र संख्या122 के सेविका बेबी कुमारी को स्थानांतरित कर221कर दिया गया और 221 के सेविका पार्वती सिन्हा को 122 । इस बीच बेबी निर्धारित केंद्र पर चली गई, लेकिन वो नहीं आई ।नतीजन लाभार्थी लाभ से वंचित होते रहा ।लाभार्थियों ने आरोप लगाया कि हम दलित वर्ग से आते हैं, जिसके चलते सेविका यहां नहीं आना चाहती ।उसका आरोप था कि केंद्र नहीं चलने से बच्चे इधरउधर भटकते रहते हैं ।वहीं गर्भवती महिलाओं को भी टीकाकरण से बंचित होना पङता ।लाभार्थी पदाधिकारी से जानना चाहते थे कि जब मुझे लाभ नहीं मिला तो सेविका को राशि कैसे मिलते रहा ।ये गबन नहीं तो और क्या है।

लगातार लाभ से वंचित होने पर वार्ड सदस्य के नेतृत्व में लाभार्थियों ने कई बार सीडीपीओ से लिखित शिकायत किया । लेकिन कोई सामाधान नहीं निकला ।वार्ड सदस्य मिथिलेश कुमार ने सूचना के अधिकार से भी जबाब माँगा, लेकिन डेढ़ महीने बीत जाने के बाद भी उसे खाली हाथ रहना पङा । लेकिन जब उसे जानकारी मिली कि इस केंद्र को मिलने वाली राशि का उठाव सेविका द्वारा प्रतिमहीने किया जा रहा है तब आक्रोशित होकर कार्यालय पर आये है । वार्ड सदस्य ने कहा कि ये तो.हद हो गई कि लाभ मिलता नहीं और राशि उठ रही है।

बाल विकास परियोजना पदाधिकारी कार्यालय में मौजूद नहीं थी ।सुपरवाइजर पुनम नायक ने कहा कि सेविका द्वारा कार्यालय के आदेश को धत्ता बताते हुए लाभुकों को उचित लाभ से बंचित किया जा रहा है ।जब उनसे पूछा गया कि पोषाहार की राशि सेविका को मिल रही हैं तो उसने कहा कि हाँ वो तो प्रतिमाह मिल ही रहा है । केंद्र चल नहीं रही और राशि का उठाव हो रहा है, क्या ये गबन नहीं है, तो श्री मति नायक ने कहा कि मिलना तो नहीं चाहिए ,लेकिन पदाधिकारी ही न जानेंगे ।जब पूछा गया कि आपके द्वारा क्या कारवाई किया गया, तो जबाब बहुत ही शर्मनाक थी कि मैं क्या कर सकती । सीडीपीओ मिनाक्षी कुमारी ने फोन पर बताई कि विगत छह महीने से इस केंद्र के लाभार्थियों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है ।जिसके लिए जिला मेंं मामला लंबित है ।जब उनसे पूछा गया कि जब केंद्र नहीं चल रही तो सेविका को मिलने वाली पोषाहार की राशि पर क्यों नहीं रोक लगाई गई, तो उन्होंने कहा राशि नहीं रोका जा सकता ।उनसे पूछा गया कि क्या ये सरकारी राशि का गबन नहीं है, तो वो चुप्पी साध ली।

राजद युवा के जिला उपाध्यक्ष संजीव यादव, अरविंद राय,सचिंद्र पासवान आदि ने कहा कि बाल विकास परियोजना कार्यालय की स्थिति बदतर है ।चहुंओर लूटखसोट का बोलबाला है। ऐसा कोई केंद्र नहीं, जो मानक्ता पर खङा उतरता हो। विगत मार्च महिने में अंचलाधिकारी के जाँच के द्वारा आठ केंद्रों की जाँच की गई थी, जिसमें अक्सर केंद्र बंद पाये गए थे और जो खुली थी उसमें बच्चों की संख्या दस के करीब भी नहीं था ।दिनभर नजायज लोगों का जमावड़ा लगा रहता । पोषाहार के लिए मिलने वाली21000 रूपये में छह हजार कार्यालय को कमीशन में देकर सेविकाओं को खुली लूट की छूट मिली है । यदि ऐसा नहीं होता तो लाभ विहीन केंद्र के सेविका को छह महीने से मिल राशि पर आखिर क्यों नहीं रोक लगाई गई ।

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