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अल्ज़ाइमर एंड डिमेंशिया रिहैबिलिटेशन सेंटर का उद्घाटन

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अभिषेक राय, तेघङा। अंतरास्ट्रीय अल्ज़ाइमर दिवस के अवसर पर जागो गांव गैर सरकारी संस्था ने अल्ज़ाइमर एंड डिमेंशिया रिहैबिलिटेशन सेंटर का उद्घाटन किया। जहाँ अल्ज़ाइमर और डिमेंशिया से ग्रसित लोगों का इलाज होगा,जैसे-जैसे हम उम्रदराज होते हैं, हमारे मस्तिष्क में भी बदलाव होते हैं, और हमें कई बातों को याद करने में कभी कभी समस्याएँ आ सकती हैं। परंतु अल्ज़ाइमर रोग और अन्य प्रकार के डिमेंशिया में स्मृतिलोप तथा अन्य लक्षण उत्पन्न होते हैं जो दैनंदिन जीवन में कठिनाई पैदा करने के लिए पर्याप्त रूप से गंभीर होते हैं।

ये लक्षण उम्रदराज होने के नैसर्गिक लक्षण नहीं होते हैं। इस अवसर पर डॉक्टर रंजीत ,डॉक्टर प्रभात कुमार ,डॉक्टर गुंजन और संस्था के निदेशक ने अपने विचार रखें .डॉक्टर रणजीत ने कहाँ की अल्ज़ाइमर रोग सबसे आम प्रकार का डिमेंशिया है, जो कि मस्तिष्क के यथोचित रूप में काम न कर पाने की स्थिति में होने वाली परिस्थितियों के लिए समग्रता में इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है। अल्ज़ाइमर याददाश्त, सोचने और व्यवहार संबंधी समस्याएँ पैदा करता है। आरंभिक चरण में, डिमेंशिया के लक्षण बहुत ही कम हो सकते हैं, लेकिन जैसे-जैसे रोग मस्तिष्क को अधिक नुकसान पहुँचाता है, लक्षण बिगड़ने लगते हैं।

रोग के बढ़ने की दर हरेक व्यक्ति में अलग होती है। डॉक्टर प्रभात ने कहाँ की मस्तिष्क के एक हिस्से हिप्पोकैंपस, जिसका संबंध सीखने से होता है, में मस्तिष्क कोशिकाएँ, अक्सर अल्ज़ाइमर द्वारा सबसे पहले क्षतिग्रस्त होती हैं। स्मृतिलोप की यही वजह होती है, विशेषतौर पर हाल ही में जानी गई जानकारियों को याद करने में कठिनाई, अक्सर रोग का शुरुआती लक्षण होती है। डॉक्टर गुंजन ने कहाँ की फिजियोथेरेपी द्वारा डिमेंशिया के लक्षणों का इलाज किया जा सकता है।

बैलेंस में दिक्कत ,कोर्डिनेशन में दिक्कत, मांसपेशियों में दिक्कत की वजह से हाथ -पैर का काम नहीं करना ,कपकपाहट होना ,इन सभी लक्षणों का इलाज किया जाता हैं .इन सब इलाजों से मरीज के क़्वालिटी ऑफ़ लाइफ में परिवर्तन होता हैं संस्था के निदेशक सोमेश कुमार चौधरी ने कहाँ की जागो गांव एक राष्ट्रीय गैर सरकारी संस्था हैं ,जिसका निबंधन 2010 में सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 के तहत नई दिल्ली में करवाया गया ,संस्था एक समतामूलक समाज का सपना देखती हैं और स्वस्थ भारत की परिकल्पना करती हैं।

अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए ग्रामीण भारत में सतत प्रयासरत हैं. बिहार का पहला संस्था अल्ज़ाइमर और डिमेंशिया से ग्रसित लोगों के इलाज के लिए तेघड़ा मे सेंटर खोला हैं। जिसका संचालन डॉ रणजीत कुमार एवं डॉक्टर गुंजन कुमारी करेंगे भारत में अल्ज़ाइमर और डिमेंशिया के कारण यादों के बियावान में समय से पहले गुम कई हस्तियां हुए हैं जिनका नाम इस प्रकार हैं ,स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ,पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन , पूर्व संघ प्रमुख सुदर्शनजी ,समाजवादी नेता जॉर्ज फर्नांडिस, कानूभाई रामदास गांधी हमारे समाज में आपको हर गांव में 5 से 10 लोग मिल जायेंगे। इस अवसर पर समाजसेवी आनन्द कुमार ने विशेष भूमिका निभाई साथ ही गोपाल ,चन्दन ,अमित और साधना का विशेष योगदान रहा।

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